ये मुलाकात एक बहाना है...



My Photo

अजय यादव

यूँ मुझे ख़ुद पे बहुत ऐतबार है लेकिन
ये बर्फ आँच के आगे पिघल न जाए कहीं...




परिचय

मैं नहीं मानता कि कोई भी व्यक्ति अपने बारें में पूरी तरह तथा निरपेक्ष रूप से कुछ बता सकता है। इसलिये मेरे बारे में जानने के इच्छुक लोगों को मेरे मित्रों या परिचितों से संपर्क करना चाहिये, क्योंकि वही शायद मेरे बारे में कुछ हद तक सही-सही बता पायेंगे। जहाँ तक मेरा प्रश्न है, मैं खुद को निदा फ़ाज़ली जी की अधोलिखित पँक्तियों के द्वारा अभिव्यक्त करना चाहूँगाः
औरों जैसे होकर भी हम बाइज्जत हैं बस्ती में;
कुछ लोगों का सीधापन है कुछ अपनी ऐयारी है
जो चेहरा देखा वो तोडा नगर नगर वीरान किये
पहले औरों से नाखुश थे अब खुद से बेजारी है।

Social Media

Mother of Pearls